वर्तमान युग में जीवन के हर क्षेत्र में मुद्रा का महत्वपूर्ण स्थान है .अर्थशास्त्र हो या राजनीतिशास्त्र ,समाजशास्त्र हो या दर्शनशास्त्र , व्यापार हो या उद्योग ,विज्ञानं या साहित्य ,शांति या युद्ध मुद्रा के विना कोई कुछ सोच ही नहीं सकता .जैसे यन्त्रकला में पहिया ,विज्ञानं में अग्नि ,राजनीती में वोट ,उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में मुद्रा ही सब कुछ है .मुद्रा ही सब से बढ़कर है .यहाँ तक की अगर लोगो का बस चले तो अपने अपने घरों से देवी देवताओ की मूर्ति की जगह पाच सौ या एक हजार के नोटों की पूजा करे .लोगो की सोच महान ही नहीं महानतम है .आधुनिक युग में मुद्रा का महत्व
वर्तमान युग में जीवन के हर क्षेत्र में मुद्रा का महत्वपूर्ण स्थान है .अर्थशास्त्र हो या राजनीतिशास्त्र ,समाजशास्त्र हो या दर्शनशास्त्र , व्यापार हो या उद्योग ,विज्ञानं या साहित्य ,शांति या युद्ध मुद्रा के विना कोई कुछ सोच ही नहीं सकता .जैसे यन्त्रकला में पहिया ,विज्ञानं में अग्नि ,राजनीती में वोट ,उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में मुद्रा ही सब कुछ है .मुद्रा ही सब से बढ़कर है .यहाँ तक की अगर लोगो का बस चले तो अपने अपने घरों से देवी देवताओ की मूर्ति की जगह पाच सौ या एक हजार के नोटों की पूजा करे .लोगो की सोच महान ही नहीं महानतम है .
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